आंसुओं में छुपा है ग़म, और मुस्कान में दर्द,
कि तुम भी तकलीफ में हो और हम भी तकलीफ में हैं।
कभी सोचा था, बिना तुमसे जीना मुश्किल होगा,
वो जो कभी कहते थे, हम तुम्हारे बिना जी नहीं सकते,
तू बेवफा था या हम ही फरेब खा गए, तेरे प्यार में दिल भी हारा और जान भी गवां बैठे।
तुमसे दूरी ने हर चाहत को खामोशी में बदल दिया…!!!
जहाँ भी जाते हैं, बस तेरा ही हिस्सा बाकी है।
हमारी खामोशी को कभी तुमने आवाज़ नहीं दी…!!!
रातों को जागकर तेरी यादों में खोते रहे,
रात भर जागता हूं तेरी यादों में, कभी तू भी सो ना Sad Shayari पाए, ऐसी कोई दुआ करूं?
यह जीने का तरीका भी अब तकलीफ दे ही रहा है।
वरना वक्त की धूल में बिखरकर खो जाते हैं।
अब सोचते हैं, क्या तुमने कभी समझा क्या।
तू कितना भी दूर चला जाए, दिल से दूर नहीं होगा, तेरी जगह कोई और ले, ये मंजूर नहीं होगा।